कन्हैया कुमार के लिए कुछ सवाल
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष, कन्हैया कुमार, हाल ही में, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार केरल......हर जगह जाके, हर एक बात पर,जोर जोर से आजादी आजादी चिल्लाते हुए नजर आये हे. मगर यही कन्हैया कुमार र जेएनयू में ही एक छात्रा के साथ हुए बलात्कार के मामले पे चुप क्यो हे? क्या कन्हैया कुमार को बलात्कार और बलात्कारियो से आज़ादी नहीं चाहिए? आप की चुपकी का क्या मतलब समजा जाये? क्या आप ऐसी घटनाओ का समर्थन करते हे? आगर नहीं तो फिर इस मामले पर धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल तो होना ही चाहिए था, अरे इतना कुछ नहीं करसकते तो कमसेकम एकबार आजादी वाला नारा तो लगा ही सकते थे. भारत के टुकड़े करवाने में तो आपको बड़ा मजा आ रहा था, पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने में भी आपको बड़ा मजा आ रहा था, भारत की सर्वोच्च न्यायालय के खिलाफ भी बहोत चिल्लाये थे, कश्मीर की आजादी के लिए भी बहोत चिल्लाये थे, अरे आपने तो इंडियन आर्मी को भी रेपिस्ट बोल दिया था, मगर ईस सही, असल बलात्कारी के मामले पे चुप रहने की वजह क्या हे? क्या आपका ये रतन इतना अनमोल हे की आप और आप के सभी साथियो ने मौन व्रत धारण कर लिया हे? अरे में तो भूल ही गया ये बलात्कारी (अनमोल) रतन आपके ही परिवार (राजनैतिक) वामपंथी छात्र संगठन आइसा का ही सदस्य है. क्या ऐसी शर्मनाक घटनाओ से जेएनयू बदनाम नहीं हो रहा हे? क्या सिर्फ आपके प्यारे रतन की सदस्यता खत्म कर देने से से पीड़ित छात्रा को न्याय मिलजायेगा? यह मामले पर सारे वामपंथी छात्र संगठन रास्तो पे क्यों नहीं उतरे? चाहे वामपंथी छात्र संगठन पीड़ित छात्रा का साथ दे या ना दे, ईस देश का हर एक छात्र एवम छात्रा पीड़ित छात्रा के साथ हे.
कन्हैया कुमार, हो सके तो इन सवालो का जवाब देने की कोशिश कीजियेगा
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष, कन्हैया कुमार, हाल ही में, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार केरल......हर जगह जाके, हर एक बात पर,जोर जोर से आजादी आजादी चिल्लाते हुए नजर आये हे. मगर यही कन्हैया कुमार र जेएनयू में ही एक छात्रा के साथ हुए बलात्कार के मामले पे चुप क्यो हे? क्या कन्हैया कुमार को बलात्कार और बलात्कारियो से आज़ादी नहीं चाहिए? आप की चुपकी का क्या मतलब समजा जाये? क्या आप ऐसी घटनाओ का समर्थन करते हे? आगर नहीं तो फिर इस मामले पर धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल तो होना ही चाहिए था, अरे इतना कुछ नहीं करसकते तो कमसेकम एकबार आजादी वाला नारा तो लगा ही सकते थे. भारत के टुकड़े करवाने में तो आपको बड़ा मजा आ रहा था, पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने में भी आपको बड़ा मजा आ रहा था, भारत की सर्वोच्च न्यायालय के खिलाफ भी बहोत चिल्लाये थे, कश्मीर की आजादी के लिए भी बहोत चिल्लाये थे, अरे आपने तो इंडियन आर्मी को भी रेपिस्ट बोल दिया था, मगर ईस सही, असल बलात्कारी के मामले पे चुप रहने की वजह क्या हे? क्या आपका ये रतन इतना अनमोल हे की आप और आप के सभी साथियो ने मौन व्रत धारण कर लिया हे? अरे में तो भूल ही गया ये बलात्कारी (अनमोल) रतन आपके ही परिवार (राजनैतिक) वामपंथी छात्र संगठन आइसा का ही सदस्य है. क्या ऐसी शर्मनाक घटनाओ से जेएनयू बदनाम नहीं हो रहा हे? क्या सिर्फ आपके प्यारे रतन की सदस्यता खत्म कर देने से से पीड़ित छात्रा को न्याय मिलजायेगा? यह मामले पर सारे वामपंथी छात्र संगठन रास्तो पे क्यों नहीं उतरे? चाहे वामपंथी छात्र संगठन पीड़ित छात्रा का साथ दे या ना दे, ईस देश का हर एक छात्र एवम छात्रा पीड़ित छात्रा के साथ हे.
कन्हैया कुमार, हो सके तो इन सवालो का जवाब देने की कोशिश कीजियेगा
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